रविवार, 19 अप्रैल 2015

हमारी आवश्यकता~


समाज में हमारी आवश्यकता-
"सब्जी में नमक " की तरह होनी चाहीऐ   |

जैसे - "सब्जी" में  "नमक" हो कर भी, किसी
को  दिखाई नहीं देता | केवल महसूस  होता  है  |

यदि  "सब्जी  में नमक"  न  हो  तो ,
सब उसकी   याद करते है...!!

.                     ~~~~~~> मनीष गौतम "मनु"

शुभ-संध्या मित्रों _
आनें वाला "पल" और "कल"  मंगलमय हो..!!

शुभ रात्री

इतनी जल्दी  कहाँ  नींद  मुझे आती  है ़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़
मै जागता हूँ और रात सो जाती है ंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंं
सुबह होते ही  मैं फिर बिखरने लगता हूँ    ंं ंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंं
न दिन को चैन  न रात सो सकता हूँ  !
ंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंं
और  आपकी  चाहत भी  ंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंं
  बार -बार ये कहते जाती है ंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंं
♥  रात बाकी है अभी♥  बात बाकी है.  ♥
♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥
But**You**Good-Nigit **♥('-,_, ♥
♥-$!*!w!*!e!*!e!*!t ♥d*r*e*a*m*s
('-,♥-,_,-♥-, ♥('-,_,-♥-,_,-♥-,.¢
                ~~~~~~~> मनीष गौतम " मनु"

शनिवार, 18 अप्रैल 2015

खूबसूरत मनभावन छवि £


लग रहा है ___ *°* एक सुन्दर सा मुखड़ा*°*.

नाम है ..........................................

सादा है जीवन, उच्च विचार..! आँखों में तेज ,   

दिल में है प्यार.! चाँदनीयों की  भीड़ मे,ये चाँद

सदा चमकते रहे..! प्रभु से, की है हमने गुहार..!

हमारा-तुम्हारा सदा, बना रहे प्यार -प्यार -प्यार

और  प्यार ....!!  (एक सुन्दर छवि)

____\\_______\\_____ मनीष गौतम "मनु"_

ढपोल शंख ~ इक फरीयाद है भाई....!!

ढपोलशंख ....."शंख" हो गये... हम.!
लाउडिस्पीकर का "शोर" हो गये....????

हमनें की है  एम . ए./बी. ए.....!
फिर भी बर्तन धोने मजबूर हो गये...?

और वो अनपढ़/गँवार/अँगुठा/ छाप है ..!
लेकिन  फिर भी कुर्सी पर "सिरमौर" हो गये..?

शेरो ने ललकारा लेकिन...........!
कबाब/दारू /होंट/ नोंट / से वोट हो गये..?

पश्चिम से लहराती/बलखाती आई  इक "हया".
सारे लैला-मजनु उस ओर हो गये.......?

हमने पुछा ये क्या भाई..? तो वो बोले ...!
हिन्द की "ओड़नी" से हम बोर हो गये...?

अब कैसे-कैसे दिन देखने मिल रहें हैं...!
वो हमारे घर आये और गदर करके चले गये..?

अब देश की रक्षा के लिए शायद.........
कोई  "सरफरोशी"  नहीं .........?

देखो..!  देखो...!!  देखो.......!!!
वो मेरी बातें सुन...!!!!!

टाँग पसार के......!!    चादर तान के .......!!
और सो गये ............?

ढपोलशंख ...."शंख" हो गये...हम ..!
लाउडिस्पीकर का "शोर" हो गये.....???
     
~~~~~~>> मनीष कुमार गौतम "मनु"

शुक्रवार, 17 अप्रैल 2015

चुटकूला

बच्चे टीचर से- मेडम जी, हिन्दी क़ी टीचर हिन्दी मेँ, अँग्रेजी के टीचर अँग्रेजी में  ! और संस्कृत की टीचर संस्कृत  में  पढ़ातीं हैं  ......!!

आप गणित की टीचर हैं ! गणित भाषा में क्यों
नहीँ पढ़ातीं ...?

टीचर- हाँ  हाँ  हाँ  अब यदि तुमने ज्यादा 19-20 करी ना ! तो मैं तुम्हें कक्षा से नौ दोग्यारह दूँगी 
समझे . ..!!!
             
               ~~~~~~~> मनीष गौतम "मनु"

((((((((((शुभ संध्या मित्रों )))))))))
आनें वाला "पल"और "कल" मंगलमय हो.....

गुरुवार, 16 अप्रैल 2015

आयें थोड़ा सा मुस्कुराऐं.. ...

लों..? हराम  जादा .कमिना .. कुत्ता  फिर आ गया..??

अरी......सुन.......ढब्बू की महतारी..!!

मेरी कविता सुन कर तुम्हें कैसा लगा..?

नेता जी ने अपनी श्रीमती से पुछा.!
श्रीमती जी ने उत्तर दिया-

जी, चार बार आप आये हो कविता
की पंक्तियो में ! एक बार मैं .......!!

------->> मनीष कुमार गौतम "मनु"

सुप्रभात मित्रों
आने वाला पल और कल मंगलमय हो...

बुधवार, 15 अप्रैल 2015

fb पर पुछा जाने वाले सवाल पर मेरा जवाब

आज-कल शादी की जल्दी दोनों को  नहीं  .....?

क्योंकि- लड़के  आजाद पंछी बन पेड़ की हर डाल बदलनें में समय बिताते रहतें  है .....?  और

कुछ लड़कीयाँ अपने  "कॉलेज रूपी" जीवन  सफर  में  आपना रंग-रुप और ज्ञान-शान की  "धाक"  जमानें  के चक्कर   में  चक्कर पर  चक्कर लगातीं रहतीं  हैं..?

वैसे  भी आज-कल  के जमाने में  शादी जैसी शादीयाँ होती कहाँ  है .......?    अब  तो शादी से पहले शादीयाँ हो जाती है ................????

भाई .. ये तो मजाक था  !  पर सच कहें शादी की जल्दी  हमेंशा लड़की  के माँ-बाप को  ही होती  है..|

पृथ्वी पर आदिकाल से  नर और नारी  का अस्थित्व  विवाह के पवित्र बंधन से  ही बचा है  |  हमें  इसे मलिन  होने से  बचाना  है........||

.                   ~~~~~~~> मनीष गौतम "मनु"

शुभसंध्या मित्रों आने वाला पल और कल मंगलमय हो .